Non Veg Shayari Archive

Best Non Veg Hindi Shayari

निप्पल से टपक रहा पसीना;निप्पल से टपक रहा पसीना; भीगी हुई गां* और लथपथ सीना; अब तुम्हीं बताओ ‘ग़ालिब’; इतनी गर्मी में कोई कैसे ठोके हसीना?? Xxxxxxxxxxxxxxxx अर्ज़ किया है: गां* मरवाने से किसी की मौत नहीं