Best Non Veg Hindi Shayari

निप्पल से टपक रहा पसीना;निप्पल से टपक रहा पसीना;

भीगी हुई गां* और लथपथ सीना;

अब तुम्हीं बताओ ‘ग़ालिब’;

इतनी गर्मी में कोई कैसे ठोके हसीना??
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अर्ज़ किया है:

गां* मरवाने से किसी की मौत नहीं होती ग़ालिब;

वाह वाह;

गा* मरवाने से किसी की मौत नहीं होती ग़ालिब;

सिर्फ चलने का अंदाज़ बदल जाता है।?
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आज का कुविचार
झाडु लगाते समय वही लडकिया

अपने बोबे छूपाती हे जिनके होते नही हे!
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Arz Kiya hai –

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ग़ज़ल लिखी मैंने उसके होंठों को चूम कर,

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वो ज़िद्द कर के बोली…
‘चो*ते-चो*ते सुनाओ’…!!